BIRTHDAY SPECIAL: न्यूजीलैंड में जन्मे इस क्रिकेटर ने इंग्लैंड को 44 साल बाद बनाया विश्व विजेता

साल 2019 का विश्व कप फाइनल (World Cup final) मुकाबला,  इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब विश्व कप का फाइनल मैच सुपर ओवर में गया था, सुपर ओवर में इंग्लैंड (England) ने न्यूजीलैंड (New Zealand) के सामने 16 रन का लक्ष्य दिया, सुपर ओवर में भी मैच टाई रहा लेकिन मैच के दौरान और सुपर ओवर में कुल मिलाकर ज्यादा बाउंड्री लगाने की वजह से इंग्लैंड विजेता बनी। इस मैच को जिताने में जिस खिलाड़ी का सबसे बड़ा हाथ था, वह खिलाड़ी था, बेन स्टोक्स (Ben Stokes) । बेन स्टोक्स (Ben Stokes).ने ना सिर्फ उस मैच में 98 गेंदों पर 84 रन की पारी खेली, बल्कि सुपर ओवर में आठ रन बनाये । स्टोक्स की पारी की बदौलत ही इंग्लैंड 44 साल बाद विश्व विजेता बना था।

बेन स्टोक्स (Ben Stokes) आज यानि 04 जून को अपना 29वां जन्मदिन मना रहे हैं । क्रिकेट में कई बार ऐसे मौके आए, जब इस ऑलराउंडर ने अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई । बेन स्टोक्स (Ben Stokes) मूल रूप से न्यूजीलैंड  (New Zealand) के रहने वाले हैं । जब बेन स्टोक्स (Ben Stokes) 13 साल के थे, तभी उनका परिवार इंग्लैंड (England) शिफ्ट कर गया था। बेन स्टोक्स (Ben Stokes)  के पिता गेरार्ड स्टोक्स रग्बी के खिलाड़ी और कोच भी रह चुके हैं. स्टोक्स को खेल अपने पिता से विरासत में मिली है । बेन स्टोक्स (Ben Stokes) आईपीएल (IPL) में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) की तरफ से खेलते हैं। 

बेन स्टोक्स का अंतर्राष्ट्रीय करियर:

बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने 2011 में आयरलैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था, वहीं साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में पहली बार मौका मिला । स्टोक्स ने 63 टेस्ट मैच की 115 इनिंग में बल्लेबाजी करते हुए 4056 रन बनाये, जिसमें नौ शतक और 21 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में उनका सर्वाधिक स्कोर 258 रन है, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ बनाया था । वहीं  95 वनडे में उनके नाम 2682 रन दर्ज है । वनडे में उनके नाम तीन शतक और 20 अर्धशतक है। स्टोक्स ने 26 टी- 20 मैच में 305 रन बनाये हैं ।

विवादों से भी रहा है नाता: 

बेन स्टोक्स (Ben Stokes) साल 2016 में ब्रिस्टल के एक नाइट क्लब के बाहर हाथापाई के कारण गिरफ़्तार भी किये गये थे। मामला अदालत तक पहुंचा और इस विवाद की वजह से वह एशेज सीरीज से भी बाहर रहे । 2011 में भी शराब के नशे में डरहम में ट्रैफिक पुलिस से उनकी तूतू मैंमैं हो गई थी । वह चार बार इंग्लैंड में तेज गति से गाड़ी चलाने के दोषी पाए गए हैं।