बिहार में बढ़ी सियासी सरगर्मी, तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के खिलाफ लगाये पोस्टर

बिहार (BIHAR) में अमित शाह (Amit Shah) की वचुर्अल रैली से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है । अमित शाह (Amit Shah) की रैली के दिन आरजेडी ने गरीब अधिकार दिवस मनाने का ऐलान किया है । वहीं इसी दिन से सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने वाले हैं । इन सबके बीच शनिवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के खिलाफ पोस्टर लगाकर उन्हें जमकर निशाने पर लिया । 

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav)  ने इस पोस्टर में बिहार पुलिस विभाग के एडीजी (विधि और व्यवस्था) अमित कुमार की उस चिट्ठी को आधार बनाया है, जिसमें लाखों की संख्या में प्रदेश लौटे प्रवासी मजदूरों की वजह से राज्य में अपराध बढ़ने की आशंका जताई गई थी । हालांकि इस चिट्ठी को वापस ले लिया गया है, मगर तेजस्वी यादव इसे लेकर नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। 

क्या था इस चिट्ठी में 

दरअसल एडीजी अमित कुमार ने जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लिखे एक पत्र में इस बात की आशंका जताई थी कि बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को जब रोजगार नहीं मिलेगा तो परिवार का भरण पोषण के लिए अपराध कर सकते हैं । 29 मई को लिखे गए इस पत्र पर विवाद बढ़ने के बाद एडीजी अमित कुमार ने इस पत्र को 4 जून को वापस ले लिया था । 

तेजस्वी यादव ने पूछे पांच सवाल: 

पहला सवाल-  नीतीश कुमार को बिहारी श्रमिक गुंडे क्यों दिखे?

दूसरा सवाल- नीतीश कुमार को बिहार श्रम वीर अपराधी क्यों लगे?

तीसरा सवाल-  नीतीश कुमार ने मजदूर भाइयों को लुटेरा क्यों कहा?

चौथा सवाल- नीतीश कुमार ने श्रमिकों को रोजगार से इनकार क्यों किया?

पांचवा सवाल-  नीतीश कुमार ने बेरोजगारों का अपमान क्यों किया?

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने आरजेडी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि श्रमिकों का अपमान करने वाली इस सरकार के खिलाफ हर गली-मोहल्ले, टोले, पंचायत, प्रखंड और जिलास्तर पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाकर नीतीश कुमार की गरीबों के प्रति घृणित सोच को उजागर करें।