Kundan ojha (File photo)

17 दिन पहले ही पिता बने थे कुंदन ओझा, बेटी का चेहरा देखने से पहले हुए शहीद

भारत- चीन सीमा के लद्दाख में गलवानी घाटी में चीनी सैनिकों के साथ सोमवार रात हुई हिंसक झड़प में भारत के एक ऑफिसर और दो सेना के जवान शहीद हो गये । इन जवानों में एक कुंदन ओझा भी शामिल थे। 26 साल के कुंदन ओझा झारखंड के साहिबगंज के रहने वाले थे । 17 दिन पहले ही शहीद कुंदन की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था ।

साहिबगंज जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के डिहारी गांव के रहने वाले कुंदन ओझा 2013 में बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। शहीद कुंदन के पिता रविशंकर ओझा किसान हैं, कुंदन के बड़े भाई मुकेश धनबाद में जबकि छोटे भाई गोड्डा में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं । कुंदन ने हाईस्कूल की पढ़ाई दुबौली से की थी, जबकि इंटर साहिबगंज कॉलेज से किया था। कुंदन मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले बिहिया थाना क्षेत्र के पहरपुर गांव के रहने वाले थे। तीस साल से उनका परिवार साहिबगंज में रह रहा है।

2018 में हुई थी शादी :
कुंदन की शादी साल 2018 में बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में नेहा से हुई थी । नेहा ने सतरह दिन पहले ही बेटी को जन्म दिया था । दो दिन पहले पत्नी से उनकी बातचीत हुई थी, पुत्री के जन्म की सूचना मिलने के बाद उन्होंने जल्द ही घर आने का वादा किया था, मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, बेटी का चेहरा देखे बिना ही कुंदन देश के लिये शहीद हो गये । घटना की सूचना जैसे ही पहुंची, गांव में कोहराम मच गया।

45 साल बाद चीन सीमा पर शहादत:
चीन की सीमा पर लगभग 45 साल बाद शहादत की घटना सामने आई है। कुंदन के अलावा तेलंगाना के रहने वाले कर्नल संतोष और हवलदार पलानी भी शहीद हुए हैं। इससे पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवान शहीद हो गए थे।