Bihar teacher bharti

बिहार में 94 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का मामला, अभ्यर्थियों के लिये आई राहत भरी खबर

पटना हाईकोर्ट ने बिहार में 94 हजार शिक्षकों की नियुक्ति पर बुधवार को रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के फैसले से लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है, मगर अब इस मामले पर बिहार सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट है कि जिससे अब अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। बिहार सरकार के अनुसार शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया जारी रहेगी और अभ्यर्थी 14 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक रणजीत कुमार सिंह ने कहा है कि पटना हाईकोर्ट ने सिर्फ 4 सितंबर तक नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगाई है, न कि बहाली प्रक्रिया पर रोक लगी है. उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी दुविधा में नहीं रहे और अपना आवेदन समय से जमा करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहाली प्रक्रिया समय से पूरा करेगी।

बता दें कि बिहार में 94000 प्राथमिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया के नियमों में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शिक्षक बहाली पर बुधवार को रोक लगा दी थी। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 4 सितबंर तय की है। न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने नीरज कुमार सहित 71 सीटीईटी पास अभ्यर्थियों की रिट याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने के बाद रोक लगाचे हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा है कि विज्ञापन निकालने के बाद क्या नियमों में बदलाव हो सकता है।

 

क्या है पूरा मामला:

एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों से जो सेवारत शिक्षक 18 महीने का डीएलएड कोर्स पास किया था, उन्हें भी इस नियोजन कार्यक्रम में आवेदन देने का अधिकार पटना हाईकोर्ट ने दिया था। हाईकोर्ट के उस आदेश पर शिक्षा महकमे ने एनसीटीई व सरकार से मन्तव्य लेते हुए नई अधिसूचना जारी की, जिसमें 2019 के शिक्षक नियोजन कार्यक्रम में डीएलएड अभ्यार्थियों सहित दिसंबर 2019 में उत्तीर्ण हुए कम्बाइंड टीईटी अभ्यार्थियों को भी आवेदन देने का मौका सरकार ने 8 जून को दिया था। शिक्षा विभाग ने 15 जून 2020 को जारी अपने आदेश से यह स्पष्ट किया कि वर्तमान नियोजन कार्यक्रम में सिर्फ उपरोक्त डीएलएड अभ्यार्थियों का ही आवेदन अनुमान्य होगा और दिसम्बर 2019 में उत्तीर्ण हुए कम्बाइन्ड टीईटी अभ्यार्थियों को नियोजन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा। इसी को लेकर मामला हाईकोर्ट गया और हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगते हुए बहाली प्रक्रिया पर रोक लगा दी ।