vikash dubey

पांच दिन बाद भी विकास दुबे को नहीं पकड़ सकी यूपी पुलिस, ‘बहू’ सहित तीन सहयोगी गिरफ्तार

कानपुर. आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में फरार विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिये यूपी पुलिस की 60 टीम छापेमारी में जुटी है, मगर अब तक विकास दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है । मामले में कई पुलिसकर्मियों की भूमिका शक के घेरे में है, जिसे लेकर जांच भी की जा रही है । पुलिस ने इस मामले में विकास दुबे की रिश्तेदार (बहू) क्षमा दुबे, सुरेश वर्मा और रेखा को गिरफ्तार किया है। सुरेश वर्मा पर अपराधियों को हौसला देने और रेखा पर पुलिस की सूचना देने का आरोप है । रेखा दयाशंकर की पत्नी है, जिसकी गिरफ्तारी रविवार को हुई थी। अब तक इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि विकास का कहीं अता पता नहीं है। यूपी पुलिस को बिकरू गांव स्थित विकास दुबे के घर से कई देसी बम मिले हैं. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि विकास के घर शस्त्र होने की जानकारी मिलने के बाद तलाशी की गई तो वहां से 2 किलो विस्फोटक, तमंचे और बम मिले हैं ।

एसटीएफ की हिरासत में जय बाजपेई

वहीं एसटीएफ ने इस मामले में एक व्यक्ति जय बाजपेई को हिरासत में लिया है। रविवार को हाइवे पर जो कार मिली थी, वह जय बाजपेई की ही थी । मिली जानकारी के अनुसार जय बाजपेई विकास दुबे को गाड़ी उपलब्ध कराता था । वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले को लेकर सीएम आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक की है ।

एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा
वहीं एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है, घटना से करीब साढ़े सात घंटे पहले एक दरोगा और करीब 40 मिनट पहले एक सिपाही से विकास दुबे की बातचीत फोन पर हुई थी। जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, यह वही दरोगा और सिपाही हैं । शहीद सीओ का लेटर भी वायरल हो रहा है, जिसमें विकास दुबे का खौफ कैसे पुलिसकर्मियों में है, वह साफ दिख रहा है ।

दिल्ली के आसपास के शहरों में छुपे होने की आशंका
विकास दुबे की तलाश में मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना के गेस्ट हाउस और आश्रमों पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है। कहा यह भी जा रहा है कि विकास दुबे दिल्ली या दिल्ली से सटे शहर में शरण ले सकता है । यमुना एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की चेकिंग लगातार जारी है। वहीं टोल प्लाजा के बूथों पर विकास दुबे पर ढाई लाख रुपये के इनाम के पोस्टर व पम्पलेट भी लगाये गये हैं ।

अभी भी डरे हुए हैं ग्रामीण:
वहीं अब बिकरू गांव के लोग भी सामने आकर विकास दुबे के किस्से और जुल्म की कहानी बता रहे हैं । ग्रामीणों के अनुसार विकास दुबे के घर से अक्सर हथियारों की टेस्टिंग की जाती थी और फायरिंग की आवाजें बाहर आती थी । ग्रामीणों में अभी भी इस बात का डर है कि अगर विकास वापस आ गया तो वह उनलोगों को जीना हराम कर देगा।

आठ पुलिसकर्मी हुए थे शहीद:
बता दें कि गुरूवार रात कानपुर के बिठुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी । इस गोलीबारी में डीएसपी सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गये थे।