Dharmendra singh

एक हजार रुपये के लालच में नेपाली बनकर सिर मुड़वाया था, बनारस का ही रहने वाला है धर्मेंद्र

वाराणसी. सोशल मीडिया पर कुछ दिन पहले एक नेपाली युवक का सिर मुड़वाकर जय श्री राम लिखने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। यह वीडियो बनारस का था। अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में इस बात की जानकारी सामने आयी है कि जिस शख्स का मुंडन कराया गया था वह नेपाली नहीं बल्कि बनारस का ही रहने वाला था।

वाराणसी के भेलूपुर के रहने वाले युवक धर्मेंद्र सिंह ने 1000 रुपये के लालच में घाट पर जाकर बाल बनवाया था। मामला का खुलासा होने के बाद पुलिस की टीम इस घटना से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। छह लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी अरुण पाठक की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

भेलूपुर के सरकारी आवास में रहता है धर्मेद्र
धर्मेंद्र सिंह भेलूपुर के जल संस्थान के सरकारी आवास में रहता है। उसके माता – पिता दोनों जल संस्थान में कार्यरत थे। धर्मेंद्र का भाई भी जल संस्थान का ही कर्मचारी है। पूछताछ में धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि 16 जुलाई को अरुण पाठक का साथी राजेश और जय गणेश उसके घर पर आकर मिले और घाट पर चलकर सिर मुंडन कराने की बात कही और बदले में एक हजार रुपये का लालच भी दिया। जिसके बाद वह उनके साथ चला गया और घाट पर जाकर सिर मुड़वाया जिसके उसे 1000 रुपये भी मिले। पूछताछ में धर्मेंद्र ने खुद को मानसिक रोगी भी बताया है।

वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि विश्व हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने जिस युवक का सिर मुड़वाकर वीडियो वायरल किया था वह शख्स बनारस का ही रहने वाला है। इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच की गई और छह अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी की है।

क्या है विवाद
दरअसल, कुछ दिन पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक विवादित बयान देते हुए भगवान श्रीराम को नेपाल का बताया था। जिसको लेकर भारत में गुस्सा है। इसी के विरोध में वाराणसी में एक युवक का सिर मुंडन कर विरोध दर्ज कराया गया था, जो वीडियो वायरल हो गया था।