brahmeshwar mahadev mandir

ब्रह्मश्वेर महादेव मंदिर, यहां मोहम्मद गजनी का घमंड भगवान शिव ने किया था चूर

 

बिहार के बक्सर जिले में स्थित है ब्रह्मश्वेर महादेव मंदिर। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर की स्थापना ब्रह्नमाजी ने की थी। सावन के महीने में इस मंदिर में दर्शन के लिये लोगों की काफी भीड़ जुटती है। इस महीने में भक्तअपनी जिस भी मनोकामना के साथ भोलेनाथ का जलाभिषेक करता है, उसकी मनोकामना भगवान शिव पूरी करते हैं। इस मंदिर को मनोकामना महादेव मंदिर भी कहा जाता है।

इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसका मुख्य द्वार पश्चिम मुखी है। मंदिर का गर्भ गृह बहुत बड़ा है, मंदिर के पास में ही तालाब स्थित है, जिसमें सालों भर पानी रहता है । बक्सर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित ब्रह्मश्वेर महादेव मंदिर धार्मिक पर्यटन का लोकप्रिय केंद्र है । बिहार, झारखंड के अलावा यूपी से भी कई लोग यहां दर्शन पूजन के लिये आते हैं ।

किदवंतियों के अनुसार मुस्लिम शासक मोहम्मद गजनी ने जब भारत पर शासन किया था, तो वह मंदिरों को तोड़ रहा था, मंदिर तोड़ने के लिए वह ब्रह्मपुर आया था, तब स्थानीय लोगों में मंदिर नहीं तोड़ने की गुजारिश की और कहा कि अगर मंदिर तोड़ेगो तो बाबा तुम्हारा विनाश कर देंगे। गजनी ने बाब ब्रह्मेश्वर नाथ को चैलेंज किया और कहा कि अगर रात भर मंदिर का प्रवेश द्वार पश्चिम की ओर हो जाएगा तो वह मंदिर को छोड़ देगा। अगले दिन जब वह मंदिर तोड़ने के लिए आया तो वह उसने देखा कि मंदिर का प्रवेश द्वार पश्चिम की तरफ हो गया है। इसके बाद वह वहां से हमेशा के लिए चला गया।