Flood in Bihar

बिहार में बाढ़ से 14 जिले की 40 लाख आबादी प्रभावित, 4.87 लाख हेक्टेयर में लगी फसल डूबी

पटना. बिहार में बाढ़ का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। राज्य के 14 जिले की 40 लाख की आबादी प्रभावित है। गंडक और बूढ़ी गंडक के अलावा बागमती, कोसी और महानंदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बिहार में सबसे ज्यादा तबाही मोतिहारी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में मची है। इसके अलावा गोपालगंज, सारण और पूर्वी चंपारण में भी लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। राज्य में 25 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविर में रह रहे हैं। बाढ़ के कारण सीतामढ़ी- मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 77 के डूबने का खतरा बढ़ गया है।

मुजफ्फरपुर के अहियापुर में बूढ़ी गंडक का रिंग बांध टूटने के बाद सैकड़ों लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं। वहीं पूर्वी चंपारण के चकिया के पास बैरिया बंजरिया में रिंग बांध टूटने के बाद मुख्य बांध पर पानी का दवाब बढ़ गया है। वहीं गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर के बाद सारण तटबंध भी तीन स्थानों पर टूट गया। तटबंध के टूटने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ से राज्य के 14 जिले के 108 प्रखंडों के 972 पंचायत प्रभावित हैं।

मुजफ्फरपुर के औराई, कटरा, गायघाट, बोचहां, मुशहरी, पारू, साहेबगंज और मोतीपुर सहित 13 प्रखंड बाढ़ की चपेट में हैं। मोतिहारी के चकिया प्रखंड के कई गांव भी बाढ़ में डूबे हैं।

भागलपुर और खगड़िया में कोसी और बागमती नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि गंगा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ पीड़ितों के राहत और बचाव के लिये अभियान चलाया जा रहा है।

4.87 लाख हेक्टेयर में लगी फसल बाढ़ से प्रभावित:

राज्य में बाढ़ से 4.87 लाख हेक्टेयर में लगी फसल प्रभावित हुई है। कृषि सचिव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सबसे ज्यादा धान की खेती पर असर पड़ा है।