IIM Bodhgaya

आईआईएम बोधगया ने पूरे किए पांच साल, शत-प्रतिशत प्लेसमेंट का है रिकॉर्ड

आईआईएम बोधगया (IIM Bodhgaya) देश के सर्वश्रेष्ठ व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में से एक है. जहां साल 2015 से शिक्षण प्रक्रिया शुरू हुई थी और इस वर्ष 31 अगस्त को यह संस्थान ने अपने 5 वर्ष पूरे कर लिये हैं. इन पांच सालों में संस्थान ने अपने नित्य नए प्रयासों से ढेरों उपलब्धियां हासिल की हैं. संस्थान ने पिछले पांच वर्षों से यहां अध्ययनरत सभी छात्रों का शत‌-प्रतिशत नौकरी लगवाने का रिकॉर्ड क़ायम रखा है.

इसी साल 14 जनवरी 2020 को परम पूज्यनीय 14वें दलाई लामा जी के कर कमलों द्वारा संस्थान के प्रतीक चिह्न (लोगो) का अनावरण किया गया था. यह कार्यक्रम संस्थान के साथ-साथ सभी छात्रों के लिए भी काफ़ी विशेष रहा क्योंकि उन्हें सीधे दलाई लामा जी से अपने सवालों के जवाब पाने का मौका मिला.

मीडिया सेल द्वारा आयोजित नेतृत्व
नेतृत्व आईआईएम बोधगया (IIM Bodhgaya) में आयोजित सभी कार्यक्रमों में सबसे सफल रहा है. नेतृत्व में देशभर से मीडिया जगत एवं उद्योग जगत की नामचीन हस्तियां आती हैं एवं वे छात्रों से अपना अनुभव साझा करती हैं और साथ ही साथ उद्योग जगत में चल रही मौजूदा जरूरतों से छात्रों को रूबरू कराती है.

अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू
संस्थान में सांस्कृतिक विविधता का विशेष ध्यान रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से साझेदारी बनाकर आसानी से शैक्षिक विनमय करने की ओर ठोस क़दम उठाए जा रहे हैं.  इसी क्रम में संस्थान में विगत वर्षों में 14 संस्थानों से साझेदारी बनाकर उनके छात्रों को अपने परिसर में पढ़ाने का कार्य किया और आने वाले दिनों में यहाँ के छात्रों को भी विदेश भेजकर पढ़ाने का प्रयोजन किया जा रहा है. संस्थान ने कोरोना-काल के दौरान 5 नए संस्थानों के साथ शैक्षणिक साझेदारी बनाने का कार्य किया है। ये संस्थान इटली, जर्मनी, मेक्सिको, पेरू, साइप्रस, लैटविया और ताइवान जैसे अनेक देशों में स्थित हैं.

डॉ सहाय द्वारा शुरु की गई छात्रवृत्ति की योजनाएं
आईआईएम बोधगया (IIM Bodhgaya) अपने छात्रों से बेहद कम शुल्क लेता है एवं साथ ही साथ ज़रूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान करता है. इस वर्ष संस्थान की निदेशिका डा विनीता सहाय ने हर वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना बनाई है। इस वर्ष आईआईएम में दाखिला लिए छात्रों में गत वर्ष से अधिक विविधता है. संस्थान में पढ़ने वाले छात्र देश के अनेक प्रदेशों से आते हैं. इस वर्ष संस्थान में 60 से अधिक छात्राओं को दाखिला मिला है. इस वर्ष शैक्षणिक विविधता भी 40% के आसपास है एवं पहले से नौकरी का अनुभव रखने वाले छात्र भी 60% हैं.

संस्थान में ई-लाइब्रेरेरी की सुविधा भी उपलब्ध है. मौजूदा परिस्थिति में छात्र अपने घरों से लाइब्रेरी के माध्यम से ई बुक्स से पढ़ाई कर रहे हैं. संस्थान ने अपने लाइब्रेरी में मौजूदा परिस्थिति में संस्थान ने मैग्जटर, प्रोवेस आईक्यू जैसे कई ऑनलाइन मैगजीन और बिजनेस रिपोर्ट देने वाली संस्थाओं से साझेदारी बना कर छात्रों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराया है.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेलों को आईआईएम देता है प्रोत्साहन
आईआईएम अपने छात्रों को यहां पढ़ने के साथ साथ खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित करता है. एलीगान्टे यहां का वार्षिक सांस्कृतिक एवं खेल कार्यक्रम है. यह कार्यक्रम 2 दिनों तक चलता है तथा इसमें देश भर से आए छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं. इस दौरान खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ-साथ संस्थान में मौजूद सभी क्लबों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित कराई जाती हैं. गत वर्ष कार्यक्रम के समापन में जाने माने गायक गजेंद्र वर्मा का डीजे नाइट था और इस दौरान लगभग 3000 छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर इसको सफल बनाया था.

ई-सेल से मिल रहा एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा
आईआईएम बोधगया (IIM Bodhgaya) हमेशा से ही उद्यमियों को बढ़ावा देता रहा है. उसी क्रम में संस्थान में पहला युवा उद्यमिता शिखर सम्मेलन (YES) हुआ जिसमें देश भर के संस्थानों से आए छात्रों ने अपने उद्यम योजनाओ को सभी के साथ साझा किया और संस्थान के इस कार्यक्रम में भाग लिया. आईआईएम में इससे पहले भी उद्यमियों के प्रोत्साहन को बढ़ाने वाले काफ़ी कार्यक्रम छात्रों द्वारा आयोजित हो चुके है.

समाज सेवा के लिए हमेशा तत्पर है प्रगति क्लब
आईआईएम ने हमेशा से ही समाज के सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी उठाई है. संस्थान में प्रगति क्लब की स्थापना समाज सेवा के कार्यों के लिए की गई है. पिछले वर्ष प्रगति क्लब ने छात्रों के साथ मिलकर कई सफल कार्यक्रमों का आयोजन किया जैसे ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए निःशुल्क परामर्श देना, शारीरिक रूप से असहाय लोगों को वैशाखी बांटना, ग्रामीण छात्राओं को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन बांटना, उन्नत भारत अभियान के तहत 5 गांवों को उनके मूलभूत समस्याओं से निजात दिलाने के दिशा में सफल प्रयास करना. पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर संस्थान ने अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी बोधगया (भारतीय सेना) के तत्वधान में सेना अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया. हर वर्ष यहां के छात्र ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर वार्षिक पितृपक्ष मेले के आयोजन में एसेसमेंट में अहम भूमिका निभाते चले आ रहे हैं.

इस कोरोना-काल में संस्थान ने प्रवेश लिए छात्रों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया है और इससे यही उम्मीद लगाई जा सकती है कि संस्थान ना सिर्फ़ अपने छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करेगा बल्कि देश एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने वाला शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा.

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