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January 19, 2022

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बिहार के मुजफ्फरपुर में बड़ी लापरवाही, मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 16 लोगों ने अब तक आंखें गंवाई

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Muzaffarpur

Muzaffarpur

मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. मोतियाबिंद का ऑपरेशन (cataract operation in Muzaffarpur) कराने वाले 65 लोगों में से अब तक 16 लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी गवां दी है. यह आंकड़ा अगले कुछ दिनों में और बढ़ने का भी अनुमान है. वहीं मामले को लेकर सिविल सर्जन ने गलती मानी है.

एक दिन में 65 लोगों का ऑपरेशन !

जानकारी के मुताबिक एक ट्रस्ट से संचालित मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल (Muzaffarpur Eye Hospital) में 22 नवंबर को कैंप लगाकर पीड़ितों के मोतियाबिंद का मुफ्त ऑपरेशन (cataract operation in Muzaffarpur) हुआ था. एक दिन में 65 मरीजों का ऑपरेशन किया गया. अगले दिन पट्टी खुलने के बाद उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. सोमवार को सिविल सर्जन तक शिकायत पहुंची, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ.

बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा व एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल (Muzaffarpur Eye Hospital) व एसकेएमसीएच का निरीक्षण किया और ऑपरेशन होने वाले मरीजों की डिटेल ली. इंफेक्शन की वजह से यह घटना हुई है, ऐसा माना जा रहा है.

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सिविल सर्जन ने मानी गलती:

सिविल सर्जन ने कहा कि यह कहीं ना कहीं से निश्चित रूप से लापरवाही हुई है. इसके कारण ही इस तरह की घटना घटी है. हम लोगों को देखना होगा कि किस स्तर से लापरवाही हुई है. अस्पताल के ओपीडी को फिलहाल बंद करा दिया गया है.

एसकेएमसीएच में बना स्पेशल वार्ड:

मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) आई हास्पिटल में 22 नवंबर को हुए आपरेशन के दौरान जिन लोगों की आंखों की रोशनी चली गई या आंख संबंधित परेशानी है, उनके उपचार के लिए एसकेएमसीएच में स्पेशल वार्ड बनाया गया है. वहां 24 घंटे मेडिकल स्टॉफ और चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसके अलावा कुछ गंभीर मरीजों को पटना भी रेफर किया गया है.

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